नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक गंभीर मामले में ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 4 मार्च को दी गई जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुशील कुमार को अब 7 दिन के भीतर कोर्ट या पुलिस के समक्ष सरेंडर करना होगा।
मामला मई 2021 का है, जब सुशील कुमार और अन्य लोगों पर छत्रसाल स्टेडियम में एक संपत्ति विवाद के चलते पहलवान सागर धनखड़ पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा था। इस हमले में सागर की मौत हो गई थी, जबकि उसके दो दोस्त भी घायल हुए थे।
जमानत मिलने के बाद सुशील कुमार उत्तर रेलवे में अपनी ड्यूटी पर लौट चुके थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें फिर से जेल जाना पड़ेगा।
यह फैसला न केवल इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी प्रसिद्ध क्यों न हो।